चम्पावत जिले के बाराकोट में चल रहे छह दिवसीय लड़ीधूरा महोत्सव का देवीरथों के मां लड़ीधूरा धाम पहुंचने एवं मंदिर की परिक्रमा के साथ समापन हो गया है 21 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक आयोजित महोत्सव के अंतिम दिन विभिन्न गांवों से पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ देवीरथ मंदिर पहुंचे। माँ के जयकारों के साथ देवीरथों के दर्शन के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां लड़ीधूरा सहित अन्य देवी-देवताओं के दर्शन कर परिवार एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। 21 अक्टूबर से शुरू इस महोत्सव में बादविवाद , प्रश्नमंच , प्रश्नोत्तरी , निबन्ध , भाषण , के साथ ही राज्यस्तरीय बॉलीबाल , नशामुक्ति साईकिल दौड़ , रस्साकस्सी खोखो, आदि खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन के साथ ही सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रमो का आयोजन किया गया । जिसमें स्थानीय कलाकारो के साथ ही राज्य सरकार के पंजीकृत दलों ने मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किये ।
लड़ीधूरा शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष नागेंद्र कुमार जोशी ने बताया कि लड़ीधूरा महोत्सव का आयोजन पिछले 15 वर्षों से लगातार किया जा रहा है। यह महोत्सव क्षेत्र की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत एवं सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने महोत्सव को सफल बनाने में सहयोग देने वाले समिति के समस्त पदाधिकारियों, सदस्यों, क्षेत्रीय जनता तथा पुलिस प्रशासन का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग और सहभागिता से छह दिवसीय महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
