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वन विभाग द्वारा वन क्षेत्र में हटाए गए अतिक्रमण पर सवालिया निशान।

वन विभाग द्वारा वन क्षेत्र में हटाए गए अतिक्रमण पर सवालिया निशान।

*मेरो पहाड़*

रिपोर्ट- हेमन्त कुमार

 

खटीमा क्षेत्र के भारत नेपाल सीमा पर स्थित मेलाघाट क्षेत्र में वन महोलिया में वन क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा अतिक्रमण कर पोल्ट्री फार्म बनाया गया जिस पर वन विभाग ने कार्रवाई कर पोल्ट्री फार्म को ध्वस्त कर दिया, वहीं पोल्ट्री फार्म के मालिक अर्जुन का कहना है कि वन विभाग के द्वारा मात्र दो-तीन दिन पहले ही उनको सूचित किया और आज उनका पोल्ट्री फार्म नष्ट कर दिया यहां क्षेत्र में अन्य पोल्ट्री फार्म और अतिक्रमण है उनको छोड़कर सिर्फ उसे पर ही कार्रवाई की गई, राहुल मिश्रा प्रशिक्षु आईएफएस खटीमा का कहना है कि एक व्यक्ति के द्वारा वन क्षेत्र में अतिक्रमण कर पोल्ट्री फार्म बनाया जा रहा था जिस पर पुलिस विभाग, वन विभाग और राजस्व विभाग और एस एस बी ने मिलकर संयुक्त कार्रवाई कर पोल्ट्री फार्म का अतिक्रमण गिराया वहीं आईएफएससी राहुल मिश्रा से पूछे जाने पर की वन क्षेत्र में और भी अतिक्रमण है उन पर कार्रवाई नहीं करते हुए केवल किसी एक व्यक्ति पर क्यों कार्रवाई की गई जिस पर आईएफएससी राहुल मिश्रा का कहना था कि वह पुराने अतिक्रमण है जिन पर सर्वे कर बंदोबस्त किया जा रहा है और रिपोर्ट तैयार की जा रही है परंतु यह नया अतिक्रमण है जिस पर कार्रवाई करते हुए वन विभाग द्वारा इसको ध्वस्त किया गया वहीं पोल्ट्री फार्म मालिक अर्जुन का कहना है कि उसको किसी भी प्रकार का नोटिस नहीं दिया गया जिस पर प्रशिक्षण आईएफएससी राहुल मिश्रा का कहना है कि उनका कहना गलत है वन विभाग के द्वारा उनको नोटिस दिया गया था और मुनादी करा दी गई थी उसके बावजूद भी पोल्ट्री फार्म के मालिक द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया जिस पर वन विभाग के द्वारा कार्रवाई की गई
दरअसल गौर करने वाली बात है कि जहां भारत नेपाल सीमा में चाहे वह नो मेंस लैंड हो चाहे वह वन क्षेत्र हो चाहे वह कैनाल की जमीन हो कई वर्षों से अतिक्रमण कर वहां पर लोग निवास कर रहे हैं किसी भी संबंधित अधिकारी ने आज तक संज्ञान लेने की जरूरत भी क्यो नहीं समझी आज एक पोल्ट्री फार्म मालिक द्वारा वन क्षेत्र में पोल्ट्री फार्म बनाया जाता है उस पर वन विभाग तुरंत कार्रवाई करता है यह एक सकारात्मक पहल है परंतु दूसरी बात वन क्षेत्र में पोल्ट्री फार्म बनने में काफी दिन लगे होंगे तो संबंधित विभाग के अधिकारियो ने उस समय संज्ञान क्यों नहीं लिया जब वह पोल्ट्री फार्म बन रहा था जिस पर खटीमा एसडीएम रविंद्र बिष्ट का कहना है कि एक व्यक्ति के द्वारा वन क्षेत्र में पोल्ट्री फार्म बनाया जा रहा था जिसको पूर्व में नोटिस भी दिया गया था और मुनादी भी की गई थी जिस पर उसके द्वारा कोई कदम नहीं उठाए जाने पर आज मौके पर वन विभाग की टीम , पुलिस टीम एस एस बी और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचे और अतिक्रमण हटाया जा रहा है वहीं कंपनी द्वारा पोल्ट्री फार्म में लगभग 5 लाख की धनराशि लगाए जाने के संबंध में पूछे जाने पर एसडीएम रविंद्र सिंह विष्ट का कहना है कि वह कंपनी को देखना चाहिए था कि वह किस जगह और किस स्थान पर धनराशि लग रही है।

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का 21 सितंबर को चंपावत जिले के आपदा ग्रस्त क्षेत्रो का करेंगे हवाई सर्वेक्षण।

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