टीबी उन्मूलन अभियान को मिलेगी मजबूती, हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों से होगी व्यापक स्क्रीनिंग।








*मेरो पहाड़*
*प्रति एक्स-रे 10 रूपये की प्रोत्साहन राशि से तकनीशियनों को मिलेगा प्रोत्साहन*






*दुर्गम क्षेत्रों में टीबी की सक्रिय खोज एवं समय पर पहचान में मिलेगी मदद*
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के अंतर्गत जनपद चम्पावत में टीबी के संभावित मामलों की समय पर पहचान एवं सक्रिय खोज को और प्रभावी बनाने के लिए उपलब्ध हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों का व्यापक उपयोग किया जाएगा। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनपद हेतु 5.76 लाख रूपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशन में तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान के मार्गदर्शन में जिले में टीबी उन्मूलन की दिशा में संचालित गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। विशेष रूप से दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बिना लक्षण वाले तथा संवेदनशील लोगों की स्क्रीनिंग के लिए हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों का उपयोग किया जाएगा, जिससे संभावित टीबी मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर जांच एवं उपचार से जोड़ा जा सके।
भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार चिन्हित बिना लक्षण वाले एवं संवेदनशील आबादी की 100 प्रतिशत एक्स-रे स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। इसी क्रम में हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों के संचालन के लिए एक्स-रे तकनीशियनों को प्रत्येक एक्स-रे पर ₹10 की आउटपुट आधारित प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने बताया कि हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से विशेषकर दुर्गम क्षेत्रों में टीबी की सक्रिय खोज को गति मिलेगी। इससे संभावित मरीजों की समय पर पहचान, आवश्यक जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने के साथ ही टीबी संक्रमण की रोकथाम में भी मदद मिलेगी।
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में ‘टीबी हारेगा, प्रदेश जीतेगा’ के संकल्प को मजबूत करते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी की पहचान, उपचार एवं रोकथाम के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।


