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डीआईईटी लोहाघाट की पहल: वनाग्नि जागरूकता गीतों का जिलाधिकारी मनीष कुमार ने किया विमोचन।

डीआईईटी लोहाघाट की पहल: वनाग्नि जागरूकता गीतों का जिलाधिकारी मनीष कुमार ने किया विमोचन।

*मेरो पहाड़*

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डीआईईटी) लोहाघाट, चम्पावत द्वारा उत्तराखण्ड स्टेट काउन्सिल फॉर साइन्स एण्ड टेक्नोलॉजी (यू-कॉस्ट) के सौजन्य से वनाग्नि जागरूकता संबंधी “शोच” कार्यक्रम के अंतर्गत तैयार किए गए दो जनजागरूकता गीतों का विमोचन जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जिला सभागार, चम्पावत में किया।

इस अवसर पर वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं के प्रति आमजन, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से तैयार किए गए कुमाऊंनी भाषा के दो जागरूकता गीत— “धूमन हैगो सार पहाड़ा……..” तथा “सुणों सुणों सुणों मै वैण्यो…..” का जिलाधिकारी द्वारा विधिवत विमोचन किया गया।

इन गीतों के माध्यम से वनाग्नि से होने वाले पर्यावरणीय, पारिस्थितिक एवं सामाजिक दुष्परिणामों के प्रति जनसामान्य को सचेत करते हुए जंगलों की सुरक्षा, संरक्षण तथा वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम में सामूहिक जनसहभागिता का संदेश दिया गया है।

साथ ही यह पहल स्थानीय संस्कृति और लोकभाषा के माध्यम से लोगों तक प्रभावी ढंग से जागरूकता पहुँचाने का एक सराहनीय प्रयास है।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वनाग्नि केवल वन संपदा को ही नहीं, बल्कि पर्यावरण, जैव विविधता और मानव जीवन को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि ऐसे जनजागरूकता गीत और मीडिया सामग्री समाज में सकारात्मक संदेश प्रसारित करने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं। उन्होंने डीआईईटी लोहाघाट तथा इस कार्य से जुड़े सभी रचनाकारों और सहयोगियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के नवाचारात्मक प्रयासों से वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में जनसहभागिता को बढ़ावा मिलेगा।

यह जागरूकता सामग्री डीएलएड (D.El.Ed.) के विद्यार्थियों के सहयोग से तैयार की गई है, जिससे विद्यार्थियों में भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित हो सके।

वनाग्नि जागरूकता अभियान के अंतर्गत तैयार किए गए इन गीतों की परिकल्पना एवं गीत रचना डॉ. कमल गहतोड़ी एवं कमला वेदी द्वारा की गई है।

संगीत निर्देशन डॉ. कमल गहतोड़ी एवं हेमन्त कुमार ने किया है।

गीतों को हेमन्त कुमार, रोजी ढेक एवं चन्द्र कुमार ने अपनी आवाज दी है।

डायलॉग में डॉ. कमल गहतोड़ी, गौरव जोशी एवं सपना टम्टा का योगदान रहा है।

इसके अतिरिक्त पार्श्व स्वर में रजनी, मनीषा भट्ट एवं चन्द्र कुमार ने सहयोग प्रदान किया है।

इस अवसर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी मान सिंह, सहायक परियोजना निदेशक विम्मी जोशी, एसडीओ फॉरेस्ट सुनील कुमार सहित अन्य अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।

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