कीवी उत्पादन बनेगा आय का नया आधार, चम्पावत में किसानों को मिला उन्नत प्रशिक्षण।




*मेरो पहाड़*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कृषि, किसानी एवं आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देने के संकल्प के अनुरूप जनपद चम्पावत में उद्यानिकी गतिविधियों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राजकीय पौधालय, मुडियानी में “आदर्श चम्पावत” की परिकल्पना को मूर्त रूप देते हुए किसानों को कीवी फल पौध उत्पादन एवं बागवानी प्रबंधन से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उद्यान अधिकारी मोहित मल्ली द्वारा की गई, जिसमें जनपद के प्रगतिशील किसानों, उद्यान प्रभारियों तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा कीवी की उन्नत किस्मों, पौध उत्पादन तकनीक, रोपण विधि, पोषण प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण तथा विपणन की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। साथ ही किसानों को कीवी उत्पादन को आय का सशक्त स्रोत बनाने हेतु प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर कीवी नीति–2025 के अंतर्गत संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी किसानों को दी गई। अवगत कराया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में जनपद में लगभग 5 हेक्टेयर क्षेत्रफल में कीवी बागानों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के तहत कृषकों को 70 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा, जबकि शेष 30 प्रतिशत कृषक अंश होगा। योजना के अंतर्गत न्यूनतम 2 नाली (0.04 हेक्टेयर) से लेकर अधिकतम 50 नाली (1 हेक्टेयर) तक के क्षेत्रफल में कीवी बागवानी स्थापित की जा सकती है। इसके अतिरिक्त यदि कोई कृषक 50 नाली से अधिक क्षेत्र में कीवी बागवानी स्थापित करना चाहता है, तो उसे 50 प्रतिशत अनुदान का लाभ प्रदान किया जाएगा। योजना का लाभ “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर दिया जाएगा।
जिला उद्यान अधिकारी मोहित मल्ली ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद की जलवायु एवं भौगोलिक परिस्थितियां कीवी उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल हैं, जिससे भविष्य में यह फसल किसानों की आय में वृद्धि का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जनपद में उद्यानिकी गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल देते हुए निर्देशित किया है कि कीवी उत्पादन को एक जनआंदोलन के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतिवर्ष नए किसानों को कीवी उत्पादन से जोड़ा जाए तथा कीवी उत्पादन के क्षेत्रफल में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों की आय में स्थायी बढ़ोतरी हो सके और जनपद “आदर्श चम्पावत” की दिशा में अग्रसर हो।





