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कोलीढेक झील में नदी महोत्सव कार्यक्रम आयोजित, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ तहत हुआ वृक्षारोपण

कोलीढेक झील में नदी महोत्सव कार्यक्रम आयोजित, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ तहत हुआ वृक्षारोपण

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मेरो पहाड़

 

चम्पावत जिले के कोलीढेक झील में नदी महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया नमामि गननगे परियोजना के तहत आयोजित, इस कार्यक्रम का जिलाधिकारी मनीष कुमार द्वारा’एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत इसका शुभारम्भ किया गया इस अवसर पर सफाई अभियान, पौधरोपण, विचार गोष्ठी और जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर “कैच द रेन” अभियान, वर्षा जल संरक्षण और लोहावती नदी के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।ग्राम प्रधान श्रीमती अलका ढेक ने पहाड़ों में जल संकट की समस्या को रेखांकित करते हुए कहा कि “हमें वर्षा जल के संरक्षण की दिशा में ठोस प्रयास करने होंगे, ताकि भविष्य में जल संकट से बचा जा सके।”नगर पालिका अध्यक्ष श्री गोविंद वर्मा ने अपने संबोधन में कहा, “कमियां हम सभी में हैं, जिन्हें सुधारना हम सबकी जिम्मेदारी है। माननीय प्रधानमंत्री की स्वच्छता मुहिम को आगे बढ़ाना हम सभी का कर्तव्य है। लोहावती जैसी जीवनदायिनी नदियों के संरक्षण के लिए जनआंदोलन की आवश्यकता है।”कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी श्री जयवर्धन शर्मा ने जल प्रबंधन को आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए कहा, “वृक्षारोपण केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामूहिक जिम्मेदारी है जिसे निरंतर निभाना होगा।”इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने धराली आपदा पर शोक व्यक्त किया और कहा, “पंचतत्वों में जल एक प्रमुख तत्व है और इसका संरक्षण आज की आवश्यकता है। राज्य सरकार जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सारा योजना और भारत सरकार की कैच द रेन जैसी पहलें व्यापक स्तर पर जल संसाधनों को सहेजने की दिशा में कार्य कर रही हैं। ग्राम विकास विभाग द्वारा अमृत सरोवर के माध्यम से भी जल संचयन को बढ़ावा दिया जा रहा है।”

 

उन्होंने बताया कि नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत लोहावती नदी के संरक्षण के लिए भी ठोस कार्य योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। “स्वच्छ पेयजल को प्रत्येक गांव तक पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। वर्षा जल संचयन को जनआंदोलन बनाना होगा। यह एक दिन का नहीं, बल्कि प्रतिदिन का कार्य है। बूँद-बूँद से ही सागर बनता है, इसलिए हर व्यक्ति को जल की एक-एक बूँद बचाने का संकल्प लेना चाहिए।

 

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

 

इस दौरान तहसीलदार लोहाघाट जगदीश नेगी, अधिशासी अभियंता सिंचाई तरुण कुमार बंसल, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग लोहाघाट हितेश कांडपाल, जिला खनन अधिकारी चित्रा जोशी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका लोहाघाट सौरभ नेगी, जिला उद्यान अधिकारी हरीश कोहली, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी आनंद सिंह गोसाई, खंड विकास अधिकारी लोहाघाट कवींद्र रावत, स्थानीय नागरिक जनप्रतिनिधि व अन्य मौजूद रहे।


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