हिंदी के प्रचार प्रसार पर महत्वपूर्ण योगदान के लिए पत्रकार सूरज लड़वाल को मिला सम्मान ।
: हिंदी भाषा के प्रति प्रेम , सम्मान और समर्पण के साथ पत्रकारिता के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे , चम्पावत निवासी – उत्तराखंड हिंदी समाचार के संपादक सूरज लडवाल को प्रतिष्ठित – हिंदी हितैषी सम्मान से सम्मानित किया गया है । यह सम्मान उन्हें बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति (पंजी.) की ओर से प्रदान किया गया ।समिति की ओर से जारी प्रशस्ति पत्र में कहा गया है – सूरज लडवाल द्वारा अपने दैनिक जीवन में हिंदी का प्रयोग पठन , लेखन और वाचन के माध्यम से करते हुए हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में योगदान दिया जा रहा है । इसी हिंदी प्रेम और समर्पण को देखते हुए उन्हें – हिंदी हितैषी सम्मानप्रदान किया गया ।14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर मिला यह सम्मान सूरज लडवाल के लिए इसलिए भी खास है , क्योंकि यह सम्मान हिंदी भाषा के प्रति उनके प्रेम , लेखन और पत्रकारिता के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार में योगदान की पहचान है । हिंदी दिवस के मौके पर – हिंदी हितैषी सम्मान मिलना उनके लिए गौरव के साथ-साथ हिंदी पत्रकारिता के प्रति जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता को और मजबूत करने वाला अवसर है ।सूरज लडवाल ने उत्तराखंड हिंदी समाचार के संपादक के रूप में उत्तराखंड से जुड़ी जनसरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाते हैं । स्थानीय मुद्दों , जनसमस्याओं और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को हिंदी के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना उनके पत्रकारिता कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है । सम्मान मिलने के बाद हिंदी भाषा और पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करने के उनके संकल्प को और मजबूती मिलने की उम्मीद है ।बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति , साहित्य और हिंदी भाषा के क्षेत्र में अपनी गतिविधियों के लिए जानी जाती है । समिति को तीन विश्व कीर्तिमान स्थापित करने वाली संस्था है । वर्ष 2021 में 208 घंटे , वर्ष 2022 में 280 घंटे और वर्ष 2024 में 55 देशों के हिंदी कवियों सहित 400 घंटे का अनवरत कवि सम्मेलन आयोजित कर विश्व कीर्तिमान स्थापित किए गए ।



