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संविधान दिवस पर जिले भर के साथ राजकीय महाविद्यालय अमोड़ी में संविधान दिवस पर शपथ के साथ विविध कार्यक्रमों का आयोजन ।

संविधान दिवस पर जिले भर के साथ राजकीय महाविद्यालय अमोड़ी में संविधान दिवस पर शपथ के साथ विविध कार्यक्रमों का आयोजन ।

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मेरो पहाड़

भारतीय संविधान दिवस के अवसर पर चम्पावत जिले के विभिन्न स्थानों के साथ ही राजकीय महाविद्यालय अमोड़ी मे राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में संविधान दिवस का आयोजन किया गया , महाविधालय की प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) अजिता दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों और शिक्षकों/कार्मिकों को संविधान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया इस अवसर पर बोलते हुए प्राचार्य डॉ अजिता ने कहा कि संविधान के मूल्यों समानता, स्वतंत्रता, न्याय और भाईचारे के बारे में गहनता से चर्चा की। उन्होंने कहा कि संविधान हमारी सामूहिक पहचान है और इसे समझना तथा मानना हम सभी की जिम्मेदारी है। उनके प्रेरणादायक शब्दों ने छात्रों में संविधान के प्रति सम्मान और स्नेह की भावना पैदा की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. डी.के. गुप्ता ने किया, जिन्होंने कार्यक्रम के विभिन्न चरणों को प्रभावी ढंग से संभाला और भारतीय संविधान की मूलभूत अवधारणाओं, उसकी कार्य विधियों और सामाजिक प्रभाव के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इससे पूर्व राजनीति विज्ञान के विभाग प्रभारी असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संजय कुमार के द्वारा संविधान की प्रस्तावना और शपथ दिलाने के साथ हुई। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को संविधान के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का अनुभव कराते हुए शपथ लेने के लिए प्रेरित किया। यह एक महत्वपूर्ण क्षण था, जिसने सभी को संविधान  गरिमा और महत्व का एहसास कराया। इसके बाद, निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें भागीरथी भट्ट, सपना भट्ट और हंसा भट्ट ने अपने विचारों को प्रस्तुत किया। उनके निबंधों ने भारतीय संविधान की जड़ों और उसके महत्व पर गहरा प्रकाश डाला, जिससे सभी उपस्थित लोग भाव विभोर हो गए। इसके बाद, भावना बिष्ट और देवेन्द्र सिंह नेगी ने एक सजीव कविता और गीत प्रस्तुत किया, जिसने कार्यक्रम में एक अद्भुत माहौल बना दिया। स्थानीय संस्कृति की महक लाते हुए श्री महेश लाल ने कुमांऊनी भाषा में एक गीत गाया, जिसने सभी के दिलों को छू लिया और उपस्थित सभी को आनंदित कर दिया। प्राध्यापकों ने भी कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. संजय कुमार, डॉ. रंजना सिंह और डॉ. संजय कुमार गंगवार ने संविधान के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा करते हुए अपने द्वारा प्रस्तुत गीत भी गाए, जो न केवल शिक्षण के लिए प्रभावी थे, बल्कि प्रेरणादायक भी थे। इसके अतिरिक्त, कार्यालय कार्मिक श्री हरीश चन्द्र जोशी और श्री दशरथ बोहरा ने अपने उद्बोधन में संविधान के महत्व को रेखांकित किया और छात्रों को इस पर गर्व महसूस कराने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की सूचना कार्यक्रम प्रभारी डॉ. पुष्पा ने सभी विद्यार्थियों तक प्रेषित की। तथा श्री दिनेश रावत ने अपना योगदान दिया।
कार्यक्रम का समापन प्राचार्य डॉ. अजिता दीक्षित के विचारों के साथ हुआ। उन्होंने सभी को संविधान के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की प्रेरणा दी और कहा कि संविधान का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने यह भी कहा कि युवा पीढ़ी को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना चाहिए ताकि वे एक मजबूत और लोकतांत्रिक भारत के निर्माण में योगदान कर सकें।
इस प्रकार, यह कार्यक्रम न केवल भारतीय संविधान की महत्ता को रेखांकित करने वाला था, बल्कि छात्रों और शिक्षकों के बीच संवाद और समानता का एक सामंजस्य भी प्रस्तुत करता था। सभी उपस्थित लोग इस कार्यक्रम को लेकर उत्साहित थे, जो संविधान के प्रति उनके आदर और जागरूकता को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुआ।


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