मानवसेवा की प्रवृत्ति एवं संस्कृति की प्रेरणा का स्रोत ईश्वर होता है– स्वामी शुद्धिदानंद।
*मेरो पहाड़* चिकित्सा पेशे मैं पद प्रतिष्ठा तो होती हैं, लेकिन रोगियों की दुआएं लेने का सौभाग्य तो बहुत कम लोगों को मिल पाता है–डॉ डीएस दुबे लोहाघाट। चिड़ियादूंगा गांव…