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सुई में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में उमड़े श्रद्धालु । कथा वाचक ने कहा भागवत कथा में भक्ति के समावेश से जन्म जन्मांतर के पुण्य उदय हो जाते है ।

सुई में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में उमड़े श्रद्धालु । कथा वाचक ने कहा भागवत कथा में भक्ति के समावेश से जन्म जन्मांतर के पुण्य उदय हो जाते है ।

 

 

सुई में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में उमड़े श्रद्धालु । कथा वाचक ने कहा भागवत कथा में भक्ति के समावेश से जन्म जन्मांतर के पुण्य उदय हो जाते है ।*मेरो पहाड़*
लोहाघाट – ग्राम पंचायत सुंई पऊ के चनकांडे स्थित मष्टा मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा को सुनने के लिए दूर दराज से भक्त पहुंच रहे हैं। दूसरे दिन कथा वाचक कृष्णकांत उनियाल ने प्रवचन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण में भक्ति के समावेश से जन्म जन्मांतर के पुण्य उदय हो जाते है जीव भव बंधन से मुक्त होता है, और सब तरह के पापों का नाश होता है। जैसे आग सब कुछ को जला कर राख कर देती है वैसे ही भागवत कथा के श्रवण मात्र से समस्त पाप नाश हो जाते हैं ।उन्होंने सच्चे मन से ईश्वर की आराधना करनी चाहिए। ईश्वर भक्ति में कुछ पाने की चाह नहीं होनी चाहिए। इससे पूर्व पुरोहित केशव पांडेय ने पूजा अर्चना संपन्न कराई। देर शाम प्रसाद वितरण के बाद मंदिर में भजन कीर्तन आयोजित किए गए। आयोजन में मष्टा मंदिर सेवा समिति सहयोग कर रही हैं।
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साध्वी उमा भारती व बाबा कल्याण दास ने उठाया रामकथा का आनंद

लोहाघाट : मां वाराही धाम देवीधुरा में चल रही श्रीराम ज्ञान यज्ञ कथा के सातवें दिन भी कथा सुनने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। साध्वी उमा भारती एवं डोल आश्रम के बाबा कल्याण दास जी महाराज भी देवीधुरा पहुंचे और कथा का श्रवण किया। आयोजक समिति और मंदिर समिति ने मां बाराही मंदिर का प्रतीक चिन्ह देकर दोनों संतों को सम्मानित किया। कथावाचक व्यास अतुल कृष्ण भारद्वाज ने जटायु और राजा दशरथ की मित्रता का वर्णन किया। कहा कि जब जटायु नासिक के पंचवटी में रहते थे तब एक दिन आखेट के समय महाराज दशरथ से उनकी मुलाकात हुई और तभी से वे और दशरथ मित्र बन गए। वनवास के समय जब भगवान श्रीराम पंचवटी में पर्णकुटी बनाकर रहने लगे, तब पहली बार जटायु से उनका परिचय हुआ। भगवान श्रीराम अपने पिता के मित्र जटायु का सम्मान अपने पिता के समान ही करते थे। रावण जब सीताजी का हरण कर लेकर गया तब सीताजी का विलाप सुनकर जटायु ने रावण को रोकने का प्रयास किया। इस मौके पर गोविंद सिंह कुंजवाल, निर्गुण दास महाराज, रामकृष्ण दास, जगदीशानंद, महंत चंद्रप्रकाश, गोपाल दास, लक्ष्मण सिंह लमगडिय़ा, मंदिर समिति अध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, दिनेश जोशी, दलीप सिंह अधिकारी, ब्लाक प्रमुख सुमन लता, दीपक चम्याल, अमित लमगडिय़ा, हयात सिंह बिष्ट, चन्दन बिष्ट आदि मौजूद रहे।

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