अद्वैत मायावती आश्रम के 125 वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों के साक्षी बनेंगे महामहिम राज्यपाल





*मेरो पहाड़*
लोहाघाट (चम्पावत ) – स्वामी विवेकानंद अद्वैत आश्रम मायावती के 125वे स्थापना दिवस के अवसर पर 31 मार्च को उतराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह भी स्थापना दिवस कार्यक्रम में भाग लेंगे । लोहाघाट से मात्र 9 किलोमीटर दूर मैबठ जो कि स्वामी जी की परिकल्पना उन्होंने 1896 में स्विट्जरलैंड के आल्पस पर्वत को देखकर अभिव्यक्त की थी। कि हिमालय के दृश्य एवं यहां के लोग मुझे दृढ़ निश्चायी बनने की प्रेरणा देते हैं और मैं हिमालय क्षेत्र में एक मठ स्थापित करने के लिए लालायित हूं, बाद में यह काल्पनिक स्थान कैप्टन सेवियर एवं स्वामी स्वरूपानंदजी के प्रयासों से यथार्थ रूप में मायावती के रूप में प्रदर्शित हुआ । 19 मार्च 1899 को अद्वैत आश्रम मायावती के रूप में विश्व आद्यात्म व वेदान्त का मुख्य केंद्र बन गया। 3 जनवरी 1901 को स्वयं स्वामी विवेकानंद जी यहाँ आकर एक पखवाड़े तक प्रवास किया । इस स्थान से विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक पत्रिका प्रबुद्व भारत का भी सम्पादन का कार्य किया जाता है । महामहिम राज्यपाल ने पिछले कुछ माह पूर्व भी अद्वैत आश्रम मायावती का भ्रमण कर कहा था कि यदि कहीं धरती में कोई स्वर्ग है तो उसे ईश्वर ने मायावती आश्रम के रूप में यहां बनाया हुआ है।






