चंपावत: किसानों को सही बीज एवं मार्गदर्शन मिलने से , वह सम्मान से कर सकते हैं अपना जीवन यापन।



*मेरो पहाड़*

सहगल फाउंडेशन, एचडीएफसी परिवर्तन एवं चंपावत मोनाल के संयुक्त तत्तावधान में हुई कार्यशाला में तय की गई भविष्य की कार्य योजना ।


लोहाघाट। चंपावत जिले में बागवानी , बेमौसमी सब्जियों, मोनपालन आदि कार्यक्रमों कि अपार संभावनाएं है । यदि कृषकों को सही मार्गदर्शन दिया जाए तो किसान स्वयं को मालामाल कर सकते हैं। सहगल फाउंडेशन इस दिशा में ठीक कार्य कर रहा है। यह बात डीएचओ टीएन पांडे ने यहां एक होटल में सहगल फाउंडेशन, एचडीएफसी परिवर्तन एवं चंपावत मोनाल के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित परिवर्तन प्रोजेक्ट के तहत स्टेट होल्डर वर्कशॉप का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किया। इससे पूर्व दीप प्रज्वलन कर कार्यशाला का शुभारंभ किया गया । सहायक प्रोग्रामर इंद्र सिंह बिष्ट ने कार्यशाला में कुमाऊं एवं पीलीभीत जिले के ओर क्षोर से आए किसानों, उद्यमियों एवं खेती से जुड़े हुए लोगों का स्वागत किया। सहायक परियोजना अधिकारी शिवराज सिंह बिष्ट के संचालन में हुई कार्यशाला में महिलाओं द्वारा “चंपावत मोनाल कंपनी आगें मेरा पहाड़ में, आब बदल्ली मेरो पहाड़ की तस्वीर ” लोकगीत का सामूहिक रूप से गायन कर समा बांध दिया । चंपावत मोनल का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए मीनाक्षी ने कहा कि गतवर्ष जिले में 80 लाख रुपए का व्यवसाय किया गया था , इस वर्ष एक करोड रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया गया है । उन्होंने बताया कि आज डेढ़ हजार किसानों की तकदीर बदलने का हमने लक्ष्य निर्धारित किया है। चंपावत मोनाल के जरिए हम हर क्षेत्र में ऊंचे पायदान में कदम रखने जा रहे हैं ।
अल्मोड़ा से आए शंभु दत्त जोशी ने कहा मौनपालन के जरिए से हम हर घर में कुटीर उद्योग स्थापित कर सकते हैं । इससे न केवल आय में वृद्धि होगी बल्कि लोगों को घर बैठे रोजगार भी मिलेगा । चंपावत मोनाल की प्रेसिडेंट शोभना टम्टा, बोर्ड की डायरेक्टर आशा सामंत,अनीता बोहरा, ने वर्तमान में मिली सफलताओं को देखते हुए भविष्य की कार्य योजना पर प्रकाश डाला। उनका कहना था की उन्नत बीज, तकनीकी मार्गदर्शन के कारण बेमौसमी सब्जियों का कारोबार फलीभूत होता जा रहा है । तथा किसानों को बिचौलियों से मुक्त कर उन्हें उनकी मेहनत का पूरा दाम मिल रहा है जिससे किसान काफी खुश एवं उनके भविष्य की उम्मीदें बढ़ी है । इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र की प्रभारी डॉक्टर दीपाली तिवारी , शंकरदत्त जोशी ,मनोज भाकुनी निलेश अरोड़ा, साक्षी पांडे, आदि ने भी विचार व्यक्त किये












