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कोली ढेक झील में सिचाई विभाग ने एकबार फिर 58 नौकाओ को नौकायन के संचालन की दी अनुमति नवीनकरण के बाद नौकायन संचालको को विभाग की गाइडलाइन के पालन के दिये निर्देश ।

कोली ढेक झील में सिचाई विभाग ने एकबार फिर 58 नौकाओ को नौकायन के संचालन की दी अनुमति नवीनकरण के बाद नौकायन संचालको को विभाग की गाइडलाइन के पालन के दिये निर्देश ।

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*मेरो पहाड़*
चम्पावत जिले में पर्यटकों को आकर्षित कर रही लोहाघाट की कोली ढेक झील में नौकाओ में सिचाई विभाग ने एकबार फिर 58 नौकाओ के संचालन की अनुमति प्रदान कर दी है। नवीनीकरण के बाद ये संचालक विभाग की गाइडलाइन के अनुरूप नोकाओ का संचालन कर आजीविका सर्जन कर सकेंगे । सिंचाई विभाग के द्वारा एक वर्ष के लिए नौकायन का लाइसेंस का नवीनीकरण किया गया है साथ ही विभाग के द्वारा नौका संचालकों को नौकायन के नियमों का पालन करने के कड़े निर्देश भी दिए हैं । विभागीय अधिकारियों के अनुसार नौका संचालन के लिए झील में आठ नौकाएं 2 सीटर तथा 50 नौकाए 4 सीटर संचालित की जा रही है । जिसके लिए विभाग द्वारा दो सीटर नौका का ₹1500 प्रति नौका तथा चार सीटर नौका का ₹3000 प्रति नौका के हिसाब से लाइसेंस शुल्क लिया गया है जिसकी अवधि एक वर्ष के लिए है वही नैका संचालन अध्यक्ष प्रकाश ढेक ने बताया डीएम चंपावत के निर्देश पर नौका संचालकों ने नौकायन के किराए में कमी की है उन्होंने बताया पहले टू सीटर नौकाओं का किराया ₹300 लिया जाता था अब उसे घटकर ₹200 कर दि याकिराया पहले ₹500 लिया जाता था अब जिसे ₹100 घटाकर ₹400 कर दिया गया है मालूम हो कोली ढेक झील में दूर-दूर क्षेत्र से आने वाले पर्यटक नौकायन का आनंद उठाते हैं झील से क्षेत्र के लगभग 50 युवाओं को रोजगार मिला हुआ है हालांकि सिंचाई विभाग के द्वारा नौका संचालकों से शुल्क तो लिया जाता है लेकिन अभी तक ना तो सिंचाई विभाग और ना ही पर्यटन विभाग और ना ही प्रशासन के द्वारा पर्यटकों की सुविधा के लिए कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है यहां तक कि पर्यटकों को झील में शौचालय व पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध नहीं कराई गई है जिस कारण पर्यटकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है खासकर महिला पर्यटकों को।


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