मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘आदर्श चम्पावत’ विजन को मिल रही नई उड़ान।
*मेरो पहाड़*
*आपदा प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन सतर्क, जनपद में स्थाई हेलीपैड से त्वरित राहत एवं बचाव व्यवस्था होगी और अधिक सशक्त: जिलाधिकारी*
*पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चूका में निर्माणाधीन हेलीपैड में भी तेजी से चल रहा निर्माण कार्य*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘आदर्श चम्पावत’ के विजन के अनुरूप जनपद में आपदा प्रबंधन, आपातकालीन राहत सेवाओं तथा पर्यटन अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से हवाई संपर्क सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। जिला प्रशासन का लक्ष्य मानसून एवं आपदा के दौरान सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक त्वरित राहत एवं बचाव सेवाएं पहुंचाना तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप मजबूत हवाई नेटवर्क तैयार करना है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जनपद के संवेदनशील एवं दुर्गम क्षेत्रों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। इससे आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी आएगी, वहीं पर्यटन गतिविधियों को भी नया आयाम मिलेगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में जनपद में स्थाई हेलीपैड विकसित किये जा रहे हैं, जिनमें पूर्व से संचालित एवं पूर्णतः क्रियाशील हेलीपैड भी शामिल हैं। साथ ही नए हेलीपैडों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है, जिनमें एक हेलीपैड का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा शेष पर कार्य तेजी से जारी है।
पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में लोक निर्माण विभाग, चम्पावत द्वारा चूका क्षेत्र में हेलीपैड का निर्माण कार्य प्रगति पर है। वहीं लोक निर्माण विभाग, लोहाघाट के अंतर्गत चमदेवल में हेलीपैड का निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण किया जा चुका है। इसके अलावा सी एंड डीएस (C&DS) द्वारा रीठासाहिब, पाटी एवं देवीधुरा में नए हेलीपैडों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिन्हें शीघ्र पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि आपदा प्रबंधन के तहत विकसित स्थाई हेलीपैडों में चम्पावत तहसील के जीआईसी तामली एवं जीआईसी मंच, पाटी तहसील के रीठासाहिब, पुनाकोट एवं जीआईसी देवीधुरा, तथा लोहाघाट तहसील के चमदेवल/बस्कुनी स्थित हेलीपैड शामिल हैं। इनका उद्देश्य आपदा अथवा अन्य आपात परिस्थितियों में त्वरित हवाई राहत एवं चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।
इसके अतिरिक्त पूर्व से संचालित स्थाई हेलीपैडों में जीआईसी पाटी, एबट माउंट (लोहाघाट), सर्किट हाउस चम्पावत तथा बनबसा स्टेडियम (टनकपुर) स्थित हेलीपैड शामिल हैं। आवश्यकता पड़ने पर इनका उपयोग तत्काल राहत एवं बचाव कार्यों के लिए किया जा सकता है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि सभी हेलीपैडों की नियमित निगरानी एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपदा या आकस्मिक स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों तक राहत दल, चिकित्सीय सहायता एवं आवश्यक संसाधनों को शीघ्रता से पहुंचाया जा सके।
उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि मानसून एवं आपदा सत्र के दौरान सतर्क रहें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला आपदा परिचालन केंद्र (कंट्रोल रूम) को दें, जिससे राहत एवं बचाव दलों को बिना विलंब घटनास्थल के लिए रवाना किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जनमानस की सुरक्षा एवं त्वरित राहत के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


