माँ बाराही धाम देवीधुरा में मेले के दौरान लगा बहुउद्देश्यीय सेवा शिविर । विभिन्न जनउपयोगी कार्यो के साथ हुआ चिकित्सकीय परीक्षण ।





मेरो पहाड़
चम्पावत जिले के माँ बाराही धाम देवीधुरा में प्रसिद्ध बग्वाल मेले के अवसर पर बहुउद्देश्यीय सेवा शिविर का आयोजन किया गया । मेला परिसर में आयोजित इस शिविर में विभिन्न जनउपयोगी कार्यो के साथ ही चिकित्सकीय परीक्षण किया गया व सरकार की विभिन्न्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गयी ।इस बहुउद्देशीय शिविर में समाज कल्याण विभाग के अतिरिक्त राजस्व, बाल विकास, कृषि, स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास, उद्यान, पशुपालन, पंचायती राज, पूर्ति, पर्यटन, आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सा, यूरेडा, विद्युत विभाग, जल संस्थान, श्रम विभाग, सहकारिता, लीड बैंक, मत्स्य, रेशम, समाज कल्याण एवं महिला कल्याण (अल्मोड़ा) सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष रूप से दिव्यांगजनों के लिए प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था की गई, जिसके अंतर्गत 10 दिव्यांगजनों को मौके पर ही प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही 140 से अधिक आमजन का चिकित्सकीय परीक्षण किया गया तथा जरूरतमंदों को आवश्यक दवाओं का वितरण भी किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को त्वरित स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल सका। पशुपालन विभाग ने ग्रामीण पशुपालकों को ध्यान में रखते हुए 50 लाभार्थियों को पशु – चिकित्सकीय दवाओं का वितरण किया, जिससे पशुधन की देखरेख में मदद मिली। इसी प्रकार, कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा स्थानीय किसानों को उन्नत बीजों और कृषि यंत्रों का वितरण किया गया, जो कृषि उत्पादन और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल रही। वहीं समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों की पहचान और सशक्तिकरण की दिशा में 10 यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड मौके पर बनाए गए, जिससे उन्हें भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी।
यह शिविर दूरस्थ क्षेत्रों के जरूरतमंद नागरिकों को एक ही स्थान पर सभी जरूरी सेवाएं और योजनाओं की जानकारी देने की दिशा में एक प्रशंसनीय प्रयास रहा।
शिविर में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के उपरांत सभी प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों ने नशा मुक्ति की शपथ ली। उन्होंने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और समाज को भी इस बुराई से मुक्त कराने में अपना योगदान देंगे। यह शपथ युवाओं के भीतर नैतिक बल, आत्मसंयम और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करती है।






