नंदा अष्टमी में अवसर पर झुमाधुरी मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब । हजारों की संख्या में श्रद्धालु बने देवी रथों के साक्षी।



मेरो पहाड़
लोहाघाट – नन्दष्टमी के अवसर पर चम्पावत जिले के लोहाघाट स्थित झुमाधुरी मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा । हजारों की संख्या में श्रद्धालु देवी रथों के साक्षी बन पूण्य के भागीदार बने । इससे पहले कल रात्रि जागरण के साथ भक्तों का सुबह मंदिर में दर्शन पूजन के लिए ताता लगा रहा । दोपहर बाद राइकोट कुँवर ,रायकोट महर व पाटन पाटनी से देवीरथो का आगमन शुरू हुआ । मुख्य मंदिर तक खड़ी चढ़ाई में रस्सी के सहारे मां भगवती के डोले व उसमें विराजमान साक्षात देवी स्वरूप डांगर आस्था के पंख चला रहे थे पाटन पाटनी से आये डोले में उमेश पाटनी ओर धनसिंह पाटनी अवतरित रूप में थे जबकी राइकोट कुँवर से कालिका की अवतरित राधा महर व भगवती मेंअवतरित दिनेश महर डोले में बैठे थे ।माता के जयकारों के साथ ये रथ मुख्य मंदिर पहुँचने पर देव डंगरों द्वारा सभी को सुख सम्रद्धि व खुशहाली का आशीर्वाद दिया । मान्यता है कि झुमाधुरी मंदिर में सच्चेमन से रात्रि जागरण करने से महिलाओं को सन्तान प्राप्ति का सौभाग्य के साथ ही मन माफिक फल मिलता है ।












