*नशा मुक्त चंपावत’ की दिशा में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एनकोर्ड समिति की बैठक संपन्न, सख्त कार्रवाई जारी*




*मेरो पहाड़*
*नशा मुक्त चंपावत के लिए ग्राम स्तर से जागरूकता अभियान संचालित करने के दिए निर्देश*
जनपद चंपावत में मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे प्रभावी अभियान के तहत एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत कठोरतम कार्रवाई निरंतर जारी है। बुधवार को जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में एनकोर्ड (NCORD) समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मादक पदार्थों के उन्मूलन, तस्करी और सेवन पर प्रभावी नियंत्रण के संबंध में समीक्षा की गई और सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने जोर देते हुए कहा कि जनपद को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस, आबकारी, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण सहित सभी विभागों का समन्वित और सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री और सेवन पर नियंत्रण हेतु नियमित अभियान संचालित किए जाएं। विशेष रूप से, जिलाधिकारी ने कहा कि टनकपुर क्षेत्र में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके तहत AMA, DPRO और सभी BDO ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्राम स्तर से जनपद स्तर तक व्यापक जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा। बैठक में पुलिस विभाग के अधिकारियों ने 1933 टोल-फ्री नंबर और मानस पोर्टल के बारे में जानकारी दी। इसके माध्यम से कोई भी नागरिक अपने आस-पास नशे के विरुद्ध शिकायत दर्ज करा सकता है, और सभी शिकायतों की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
साल 2025 की अब तक की कार्रवाई:
एनडीपीएस एक्ट के तहत: 76 अभियोगों में 115 अभियुक्त गिरफ्तार।
बरामद सामग्री: 1.360 किग्रा हीरोइन/स्मैक, 986 ग्राम अफीम, 23.172 किग्रा चरस, 5.789 किग्रा एमडीएमए, 83 इंजेक्शन।
कुल अंतर्राष्ट्रीय मूल्य: लगभग ₹14 करोड़ 93 लाख 60 हजार।
भांग की अवैध खेती का विनष्टिकरण: कुल 1185.5 नाली, जिसमें अकेले सितंबर माह में 320 नाली।
प्र. पुलिस अधीक्षक श्री हरीश वर्मा ने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। साथ ही, नशा विक्रेताओं के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। हाईवे, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने तथा खुफिया तंत्र को सक्रिय करने पर भी जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि नशा मुक्ति केंद्रों को और अधिक सक्रिय बनाया जाए तथा नशा पीड़ितों के पुनर्वास हेतु प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने बैठक के समापन में कहा, “नशा मुक्त चंपावत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रशासनिक और पुलिस तंत्र पूरी समर्पित भाव से कार्य कर रहा है और मादक पदार्थों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।”
बैठक में उप जिलाधिकारी अनुराग आर्या, श्रीमती नीतू डागर, आकाश जोशी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान, जिला समाज कल्याण अधिकारी आर.एस. सामंत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।






