बनबसा स्थित हुड्डी नदी के किनारे मवेशियों के लिए चारा पत्ती लेने गई महिला को बाघ ने बनाया निवाला।







*मेरो पहाड़*
चंपावत/बनबसा।चम्पावत जिले के बनबसा महाराणा प्रताप गेट के हुड्डी नदी के किनारे जंगल मे मवेशी के लिए चारा पत्ती लाने गयी महिला को बाघ ने निवाला बनाया। महिला अपनी मां और कुछ अन्य महिलाओं के साथ चारा पत्ती लेने हुड्डी नदी के पास के जंगल गई थी। पंचनामा भरने के बाद पुलिस महिला के शव को टनकपुर उप जिला अस्पताल लाई है। इस वारदात से क्षेत्र में खौंफ का आलम है। ग्रामीणों ने मृतका के आश्रितों को मुआवजा देने के अलावा जंगली जानवरों से सुरक्षा के उपाय करने की मांग की है।
टनकपुर के उप जिलाधिकारी आकाश जोशी ने बताया कि हुड्डी नदी के नजदीक बनबसा के हेलागोठ क्षेत्र के जंगल में बाघ के हमले में 23 मई के पूर्वान्ह एक महिला की मौत हो गई। फागपुर बनबसा की मुन्नी देवी (32) पत्नी कैलाश पुरी अपनी मां कमला देवी और कुछ अन्य महिलाओं के साथ चारा लेने के लिए जंगल गई थीं। तराई पूर्वी डिवीजन में आने वाले इस जंगल में बाघ ने हमला बोल दिया। मां कमला देवी और साथ गई महिलाओं ने मुन्नी देवी को बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं रहे। बाघ कुछ दूरी तक महिला को घसीट कर ले गया। बाद में महिलाओं ने वारदात की पुलिस और
प्रशासन को जानकारी दी। वन विभाग की टीम ने मौका मुआयना
करने के बाद क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। वहीं मुन्नी देवी के पोस्टमार्टम
की टनकपुर उप जिला अस्पताल में प्रक्रिया चल रही है।
जंगली जानवरों के हमलों में चंपावत जिले में साढ़े तीन साल में हुईं सात मौतेंः
2021: टनकपुर बोरागोठ की सोना देवी, आमबाग की राधा देवी और बस्तिया की जानकी देवी और चंपावत के ढकना बडोला गांव की मीना देवीर की मौत हुई। जनवरी 2022: बाघ के हमले में चंपावत के नघान क्षेत्र में चंचला देवी की मौत हुई। जुलाई 2023: सूखीढांग के गजार में तेंदुए के हमले में भोजनमाता चंद्रावती देवी की मौत हुई। दिसंबर 2023: टनकपुर पूर्णागिरि क्षेत्र के जंगल में घास लेने गई महिला बाघ के हमले में बुरी तरह जख्मी हुई।






