चंपावत में विकास और महिला सशक्तिकरण की अलख जगातीं दर्जा राज्य मंत्री किरन देवी।
*मेरो पहाड़*
चंपावत (उत्तराखंड): उत्तराखंड सरकार में दर्जा राज्य मंत्री (दायित्वधारी) किरन देवी चंपावत जिले और सीमांत क्षेत्रों में जनसेवा, महिला स्वावलंबन और विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘आदर्श चंपावत’ के संकल्प को गति देने में उनका जमीनी जुड़ाव अहम माना जा रहा है।
जनसेवा और महिला सशक्तिकरण पर जोर
किरन देवी चंपावत, टनकपुर, लोहाघाट और बनबसा क्षेत्रों में लगातार प्रवास कर आम जनता की समस्याओं को सुन रही हैं और उनका त्वरित निस्तारण करा रही हैं। लोहाघाट और टनकपुर में आयोजित महिला सम्मेलनों में उन्होंने महिलाओं को स्व-सहायता समूहों और राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
‘आदर्श चंपावत’ की दिशा में कार्य
मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र चंपावत को मॉडल जिला बनाने की दिशा में वे राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में जुटी हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी बनी रहती है।
प्रमुख कार्य एवं भूमिका:
महिला स्वावलंबन: महिला सुरक्षा, उनके विधिक अधिकारों और आर्थिक स्वावलंबन के लिए महिला आयोग व स्थानीय संगठनों के साथ मिलकर अभियानों का संचालन।
जन-संवाद और सेवा संकल्प: राज्य सरकार के ‘सेवा संकल्प अभियान’ और प्रबुद्धजन सम्मेलनों के जरिए सीधे जनता से संवाद स्थापित करना।
स्थानीय समस्याओं का समाधान: बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी ग्रामीणों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाकर हल कराना।
क्षेत्र के निवासियों और कार्यकर्ताओं के अनुसार, दर्जा राज्य मंत्री किरन देवी की सहज कार्यशैली और जनसमस्याओं के प्रति तत्परता से चंपावत क्षेत्र में विकास कार्यों को नया बल मिल रहा है।






