कंश के अत्याचारों से बचने के लिए रातों रात छुपकर गोकुल पहुंच गए वृंदावन वासी।





*मेरो पहाड़*
लोहाघाट। खरही गांव में चल रही श्रीकृष्ण लीला की समूचे क्षेत्र में धूम मची हुई है। यहां के रंगमंच में कंश के लगातार बढ़ते अत्याचारों को देखते हुए गोकुल वासियों ने छुपकर रातों रात वृंदावन की ओर कूच कर दिया जहां पहले से ही बाल रूप में भगवान श्रीकृष्ण एवं बलराम के रहते सभी लोग अपने को पूर्ण सुरक्षित महसूस करते हुए खुश थे। इधर नारद जी ने कंश के दरबार में जाकर बताया कि इस समय बाल श्रीकृष्ण और बलराम वृंदावन में ही हैं। यह जानने के बाद कंश ने दोनो बालकों को मारने के लिए महाबली राक्षस अघासुर और बत्सासुर को वृंदावन भेजा जहां वे बाल कृष्ण एवं बलराम के हाथों मारे गए। इसकी सूचना मिलने पर कंश और भयभीत एवं अपना अंत निकट आता देखने लगा। उधर दोनो अपने सखाओं के साथ खेलने कूदने ,माखन चोरने लगे जिसकी शिकायतें माता यशोदा से करने के बाद वह दोनो को दांठती फटकारती रहती हैं। लीला में भगवान श्रीकृष्ण का अनुज शर्मा, बलराम का अंकित, यशोदा का सचिन, नंद का चननाथ, उप नंद का दयानंद जोशी, नारद का नवीन बोहरा तथा रोहिणी का दीपक जोशी द्वारा शानदार अभिनय कर अपनी अदाकारी से देर रात तक दर्शकों को अपने स्थान से टस से मस नहीं होने दिया। साउंड एवं लाइट व्यवस्था सुभाष एवं शेखर द्वारा की जा रही है जबकि आयोजन में मुरली मनोहर, चंद्र शेखर, जगदीश, महेश जोशी, प्रताप सिंह, प्रकाश पंडित जी, संजय शर्मा, केशव गहतोड़ी, पुष्कर गहतोड़ी, पानदेव आदि लोग सहयोग कर रहे हैं।






