मुख्यमंत्री के विजन से सीमांत जनपद चम्पावत का ऊर्जा ढांचा होगा मजबूत, बनबसा में 220 करोड़ रूपये से बन रहा जीआईएस उपसंस्थान।
*मेरो पहाड़*
*100 एमवीए क्षमता के उपसंस्थान से विद्युत आपूर्ति होगी और सुदृढ़, भविष्य की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में मिलेगी मदद*
*बनबसा में अत्याधुनिक 220/33 केवी जीआईएस उपसंस्थान का निर्माण गतिमान, जून 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुपालन में सीमांत जनपद चम्पावत में विद्युत आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। बनबसा में 220 करोड़ 18 लाख रूपये की लागत से 220/33 केवी, 2×50 एमवीए अर्थात 100 एमवीए क्षमता के अत्याधुनिक जीआईएस उपसंस्थान एवं संबंधित पारेषण लाइन का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना को 22 जून 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूर्ण होने से बनबसा-टनकपुर क्षेत्र सहित जनपद की विद्युत पारेषण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा बढ़ती विद्युत मांग के अनुरूप बेहतर आधारभूत ढांचा उपलब्ध होगा। उच्च क्षमता का उपसंस्थान स्थापित होने से विद्युत भार के बेहतर प्रबंधन में सहायता मिलेगी और घरेलू उपभोक्ताओं के साथ ही व्यावसायिक, औद्योगिक एवं अन्य विकास गतिविधियों के लिए मजबूत विद्युत तंत्र विकसित करने में मदद मिलेगी।
परियोजना के अंतर्गत कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। सी एंड आर पैनल, एसएएस, सीवीटी एवं 220 केवी जीआईएस उपकरणों की आपूर्ति पूर्ण हो चुकी है तथा वर्तमान में उपसंस्थान की बाउंड्री निर्माण का कार्य गतिमान है। ट्रांसफार्मरों की आपूर्ति अक्टूबर 2026 तक संभावित है। उपसंस्थान एवं संबंधित पारेषण लाइन के लिए वन भूमि से जुड़ी आवश्यक स्वीकृतियों की कार्यवाही भी तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि मा. मुख्यमंत्री की घोषणा से जुड़ी यह परियोजना चम्पावत के भविष्य के ऊर्जा ढांचे की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके पूर्ण होने से जनपद में विकास कार्यों के लिए आवश्यक विद्युत आधारभूत संरचना और सुदृढ़ होगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्यों में तेजी लाते हुए गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने तथा निर्धारित समयसीमा में परियोजना को पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।






