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*161 मिलिट्री हॉस्पिटल पिथौरागढ़ एवं पंचशूल टस्कर्स ने चंपावत में पूर्व सैनिकों और परिवारों के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया।*

*161 मिलिट्री हॉस्पिटल पिथौरागढ़ एवं पंचशूल टस्कर्स ने चंपावत में पूर्व सैनिकों और परिवारों के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया।*

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*मेरो पहाड़*

पंचशूल टस्कर्स चम्पावत ने 161 मिलिट्री हॉस्पिटल, पिथौरागढ़ के सहयोग से पंचशूल ब्रिगेड के तत्वावधान में एक बड़े निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। यह कार्यक्रम चंपावत जिले में आयोजित हुआ, जिसमें पूर्व सैनिक समुदाय से अभूतपूर्व उत्साह और सहभागिता देखने को मिली।

करीब 300 पूर्व सैनिक (ईएसएम) और उनके आश्रित चंपावत, बाराकोट, लोहाघाट और बाटी ब्लॉकों से इस शिविर में पहुँचे और सेना के चिकित्सा विशेषज्ञों व डॉक्टरों द्वारा उपलब्ध कराई गई विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। यह पहल न केवल चिकित्सा सहायता के लिए महत्वपूर्ण रही बल्कि सेना और उसके परिवार के बीच आजीवन संबंध के प्रतीक के रूप में भी सामने आई।

इस अवसर पर श्रीमती श्वेता पाठानिया, वरिष्ठ निदेशक, फैमिली वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन, पंचशूल ब्रिगेड ने मुख्य अतिथि के रूप में शिविर की शोभा बढ़ाई। उन्होंने वीर नारियों—शहीद सैनिकों की विधवाओं—का सम्मान किया और उनके बलिदान को नमन करते हुए सेना की ओर से निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया।

शिविर में अनेक चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराई गईं। सामान्य स्वास्थ्य जाँच, जीवनशैली संबंधी रोगों की जाँच तथा स्त्रीरोग विशेषज्ञ की परामर्श सेवाएँ 161 मिलिट्री हॉस्पिटल के अनुभवी डॉक्टरों द्वारा दी गईं। नेत्र संबंधी समस्याओं के लिए एक विशेष अनुभाग स्थापित किया गया, जहाँ दोषपूर्ण दृष्टि सहित अन्य नेत्र रोगों से ग्रस्त लोगों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। इसके अलावा सभी मरीजों को उनकी पर्ची के अनुसार निःशुल्क दवाइयाँ भी उपलब्ध कराई गईं।

डॉक्टरों और नर्सिंग अधिकारियों ने जन-जागरूकता सत्र भी आयोजित किए, जिनमें मधुमेह, उच्च रक्तचाप और रक्ताल्पता जैसी सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने के लिए संतुलित आहार, रोकथाम संबंधी उपाय और जीवनशैली में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया गया। इन संवादों ने सेना की समग्र स्वास्थ्य दृष्टि को रेखांकित किया, जो केवल उपचार तक सीमित न होकर दीर्घकालिक स्वास्थ्य शिक्षा तक विस्तारित है।

पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों ने इस पहल के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए जहाँ गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ सीमित हैं, वहाँ यह शिविर उनके लिए जीवनरेखा साबित हुआ। प्रतिभागियों ने इसे केवल एक चिकित्सा शिविर ही नहीं बल्कि सेना की ओर से निरंतर सहयोग का आश्वासन बताया।

पंचशूल टस्कर्स और मिलिट्री हॉस्पिटल पिथौरागढ़ को शिविर के सफल आयोजन के लिए सराहना मिली। पंचशूल ब्रिगेड के मार्गदर्शन में किए गए इस प्रयास को कर्तव्य से परे सेवा और सेना के आदर्श ‘सेवा परमो धर्मः’ का उत्कृष्ट उदाहरण माना गया।

कार्यक्रम का समापन सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के बीच आपसी सौहार्द और भावनात्मक जुड़ाव के साथ हुआ—एक ऐसा स्मरण जो दर्शाता है कि सेना का परिवार पीढ़ियों तक एकजुट रहता है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती श्वेता पठानिया, वरिष्ठ निदेशक, फैमिली वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन पंचशूल ब्रिगेड, श्रीमती खुशबू राठौर, निदेशक,फैमिली वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन पंचशूल टस्कर्स, लेफ्टिनेंट कर्नल भगवती सिंह राठौर, डॉ देवेश चौहान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चम्पावत, मेजर श्रुति सागर चिकित्सा अधिकारी, कैप्टेन हर्षिता वर्मा, नर्सिंग अधिकारी कैप्टेन रणधीर कुमार समेत सेना के अधिकारी व सिपाही समेत जनमानस मौजूद रहे।


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