मां पूर्णागिरी धाम में रोपवे का सपना जल्द होगा साकार, मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक भारत की सबसे बड़ी रोपवे परियोजना का कार्य युद्ध स्तर पर जारी।










*मेरो पहाड़*












टनकपुर – उत्तर भारत का प्रसिद्ध मां पूर्णागिरी धाम में रोपवे निर्माण का कार्य ने अब तेज गति पकड़ ली है। लगभग 50 करोड़ की लगात से निर्मित इस रोपवे के निर्माण से श्रद्धालुओं को कम समय व खड़ी चढ़ाई से राहत मिल जाएगी । अभी तक भक्तों को ठुलीगाड़ , भैरो मन्दिर और टुन्यास से खड़ी चढ़ाई चढ़कर माता के दर्शन के लिए जाना पड़ता था। यह सफर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक पूर्णागिरि रोपवे प्रोजेक्ट बनने से श्रद्धालुओं को खासी राहत मिलने की उम्मीदें जाग रही है । रोपवे बनने से हनुमान चट्टी से काली मंदिर तक 6 किमी का सफर मात्र 7 मिनट में पूरा हो जाएगा ।इसके लिए इन दिनों आधुनिक तकनीकों से पिलरों व टावरों का निर्माण व अन्य कार्य तेज गति से चल रहे है । ताकि अगले वर्ष मध्य तक यह श्रद्धालुओं के लिए सुचारू ही सके ।जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश के तहत पूर्णागिरि रोपवे का कार्य गुणवत्तापूर्ण व समयावधि पर पूर्ण हो इसके लिए समय समय पर परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है । निर्माण एजेंसी को कार्य मे गुणवत्ता से करने व कार्य मे तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए गए है । वही पूर्णागिरि रोपवे बना रही के आर आनन्द क़स्ट्रेक्शन कम्पनी के प्रोजेक्ट मैनेजर महेंद्र राठौर ने बताया की पूर्णागिरि रोपवे भारत की सबसे बड़ी रोपवे परियोजना है । जिसका निर्माण मई 2027 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है । इसकी लम्बाई 950 मीटर है जो हनुमान चट्टी से काली मंदिर तक बननी है इसके निर्माण से 1 घण्टे में 800 लोग आ जा सकेंगे तथा एक केबिन में 60+1 लोग यात्रा कर सकेंगे । जिसमे बुजुर्ग व दिव्यांग के लिए बैठने की व्यवस्था होगी ।


